🏠 घर की वायरिंग के बारे में बेसिक जानकारी 1. House Wiring क्या है? घर की वायरिंग का मतलब है – बिजली के तार, स्विच, सॉकेट, MCB और पाइपिंग का पूरा नेटवर्क, जिससे घर के हर कमरे तक बिजली पहुँचाई जाती है। --- 2. वायरिंग के मुख्य प्रकार 1. ओपन वायरिंग (Open Wiring): तार दीवार पर क्लिप से लगाए जाते हैं। सस्ती होती है, लेकिन देखने में अच्छी नहीं लगती। 2. कंसिल्ड वायरिंग (Concealed Wiring): तार पाइप (conduit) के अंदर डालकर दीवार या छत के अंदर छुपा दिए जाते हैं। सबसे सुरक्षित और आजकल ज़्यादातर घरों में यही होती है। --- 3. जरूरी सामान तार (Wire): कॉपर FR/FRLS वायर (Polycab, Finolex, Havells) पाइप (Conduit): ISI मार्क PVC Heavy duty पाइप स्विच व सॉकेट: Modular type (Anchor Roma, Legrand, Schneider) MCB / DB Panel: Schneider, L&T, Havells Earthing: कॉपर प्लेट या GI पाइप से --- 4. वायर की मोटाई (Load के हिसाब से) Light + Fan: 1.5 sq.mm TV, Fridge, Computer: 2.5 sq.mm AC, Geyser, Washing Machine: 4 sq.mm Main line (Meter से DB तक): 6 sq.mm या उससे ज़्यादा --- 5. Safety Devices MCB (Miniature Cir...
🔌 सबसे अच्छी वायरिंग के लिए सुझाव 1. तार (Wires): हमेशा 100% कॉपर वायर (FR/FRLS – Flame Retardant Low Smoke) इस्तेमाल करें। अच्छी कंपनियाँ: Polycab, Finolex, Havells, RR Kabel मोटाई (Gauge) काम के हिसाब से चुने: लाइट/फैन: 1 sq.mm पावर सॉकेट (टीवी, फ्रिज): 2.5 sq.mm हेवी लोड (AC, गीजर, वॉशिंग मशीन): 4 sq.mm मेन वायर: 6 sq.mm या ज़्यादा 2. स्विच और सॉकेट: मॉड्यूलर टाइप (जैसे Orient Havells Anchor Roma, Legrand, GM, Schneider)। टिकाऊ और सेफ़्टी स्टैंडर्ड वाले लें। 3. MCB/DB पैनल: हर फ्लोर और ज़ोन के लिए अलग-अलग MCB + RCCB (Earth leakage protection) लगवाएँ। अच्छी कंपनियाँ: Schneider, L&T, Havells। 4. कंड्यूट पाइप (पाइपिंग): ISI मार्क वाली PVC या HDPE पाइप लें। सस्ती पाइप न लें, वरना बाद में वायरिंग जल सकती है। 5. कंसिल्ड वायरिंग (दीवार के अंदर): आजकल ज़्यादातर लोग कंसिल्ड वायरिंग करवाते हैं। दिखने में साफ-सुथरी और सेफ़ भी होती है। 6. अर्थिंग (Earthing): बहुत ज़रूरी है, वरना शॉक का खतरा रहता है। घर के मेन DB से सही अर्थिंग करवाएँ। --- ⭐ सबसे बेस्ट कॉम्बिनेशन तार: Polycab / Finolex (FRL...
वायरिंग फॉल्ट (तारों की खराबी) पता करने के तरीके 1. आँखों से जाँच (Visual Inspection) अगर तार जला हुआ दिखे या जली हुई गंध आए तो वहाँ खराबी है। ढीला कनेक्शन – स्विच, प्लग या बोर्ड में तार हिलता हो। कटा या टूटा तार – तार का कवच (इन्सुलेशन) फटा हो। 2. कंटिन्यूटी टेस्ट (तार टूटा है या नहीं) मल्टीमीटर को “continuity” मोड में रखें। तार के दोनों सिरों पर जांच (probe) लगाएँ। अगर बीप नहीं आई तो मतलब तार बीच में टूटा हुआ है। 3. शॉर्ट सर्किट टेस्ट मल्टीमीटर को “ओहम (Ω)” मोड पर रखें। लाइव और न्यूट्रल तार के बीच जांच करें (बिजली सप्लाई बंद करके)। अगर रीडिंग 0 के पास है तो शॉर्ट सर्किट है। 4. वोल्टेज टेस्ट सप्लाई चालू करके मल्टीमीटर को AC वोल्टेज मोड पर रखें। सॉकेट या तार पर जांच करें। अगर 220–240 वोल्ट (भारत में) नहीं आ रहा तो वायरिंग में गड़बड़ी है। 5. अर्थिंग चेक लीकेज टेस्टर या क्लैम्प मीटर से देखें कि अर्थ वायर में करंट तो नहीं बह रहा। अगर अर्थ में करंट है तो वायरिंग में लीकेज है। ⚠️ सावधानी: टेस्ट करने से पहले बिजली सप्लाई बंद कर दें (सिर्फ वोल्टेज टेस्ट के समय ही सप्लाई चालू रखें)। हमेशा इंसु...
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