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Showing posts from April, 2020

inverter ki jankari

1 KW के सोलर सिस्टम के लिए Best इन्वर्टर दिन प्रतिदिन बिजली की खपत हर जगह बढ़ती ही जा रही है. अगर हम हमारे घरों की ही बात करें तो यहां पर भी हमारे घरों में पहले के मुकाबले ज्यादा पंखे और लाइट हो गई है. इसीलिए बिजली की खपत पहले के मुकाबले ज्यादा होने लगी है. तो बिजली की खपत बढ़ने के कारण बिजली के बिल भी बढ़ गए हैं. और बिजली के बढ़े हुए बिल को कम करने के लिए हम सोलर पैनल का इस्तेमाल करते हैं. सोलर पैनल का चुनाव करने से पहले आपको यह पता होना चाहिए कि आपको कितना लोड चलाना है. अगर आपको 800 Watt तक का लोड चलाना है तो आपको कम से कम 1 Kw का सोलर सिस्टम लगवाना चाहिए. ताकि आपका सारा लोड सोलर पैनल से चल सके.1 Kw का सोलर सिस्टम आज आम हो गया है. क्योंकि सामान्य घरों में इतना लोड चलता ही है. अगर आपके घर में 2-3 पंखे, कूलर और लाइटें है तो आपको 1 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगवाना चाहिए. अगर आप खुद से 1 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगाते हैं तो इसके लिए आपको एक सही इनवर्टर का चुनाव करना बहुत ही जरूरी है ताकि आप अपना Load उस इनवर्टर पर सही प्रकार से चला पाए. 1 KW के सोलर सिस्टम के लिए Best इन्वर्टर तो आज की ...

solar pannel ka kharcha

सोलर पैनल लगवाने का कितना खर्च आता है आज के समय में पूरी दुनिया बिजली पर निर्भर हो चुकी है. हर रोज हम इतने काम करते हैं जिनमें लगभग हर एक काम में बिजली की आवश्यकता होती है हमारा जीवन पूरी तरह से बिजली पर निर्भर हो चुका है. इसीलिए हम बिजली का इस्तेमाल हर दूसरे काम में करते हैं लेकिन बिजली को बचाने के लिए अभी हम कई तरीके अपनाते हैं लेकिन सोलर पैनल ही एक ऐसा तरीका है जिसकी मदद से हम बिल्कुल फ्री बिजली का इस्तेमाल कर सकते हैं इसीलिए आज सोलर पैनल हर जगह इस्तेमाल किए जाने लगे हैं. सरकार भी सोलर एनर्जी को इस्तेमाल करने के लिए अलग अलग स्कीम निकालती रहती है. अगर आप भी अपने घर में सोलर पैनल लगवाना चाहते हैं तो आपके मन में जरूर यह सवाल आया होगा कि सोलर पैनल लगवाने का कितना खर्चा होता है और सोलर पैनल लगवाने के लिए क्या करना चाहिए तो आज इस पोस्ट में हम आपको सोलर पैनल लगवाने का सारा खर्च और कैसे आप लगवा सकते हैं इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं. घर का लोड Kw में कैसे पता करें सोलर पैनल पर कोई भी उपकरण चलाने के लिए आपको इनवर्टर की जरूरत पड़ेगी क्योंकि हम सीधे सोलर पैनल पर उपकरण को नहीं चला सक...
: बिजली का इस्तेमाल हर जगह किया जा रहा है . चाहे हमारे एक सामान्य घर की बात करें या फिर किसी बड़ी फैक्ट्रियां कारखानों की लेकिन हर जगह बिजली को इस्तेमाल करने के लिए हमें तारों की आवश्यकता होती है. लेकिन तारों को हमें एक सही ढंग से सेट करके रखना चाहिए ताकि किसी प्रकार की कोई भी परेशानी या नुकसान ना उठाना पड़े. इसीलिए तारों को सही प्रकार से सेट करने के लिए इनकी फिटिंग कर देते हैं जिसे विद्युत वायरिंग कहते हैं. विद्युत वायरिंग करने के कई तरीके होते हैं. जैसे कि Concealed Conduit वायरिंग, बैटन वायरिंग, कैपिंग एंड कैसीग वायरिंग इत्यादि. लेकिन हर जगह पर इन सभी वायरिंग का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. हमारे घरों में हम सामान्य तौर पर Concealed Conduit वायरिंग, बैटन वायरिंग, कैपिंग एंड कैसीग वायरिंग का इस्तेमाल सबसे ज्यादा करते हैं. इसीलिए इलेक्ट्रिकल वायरिंग करने से पहले इस बात को सुनिश्चित कर लें कि आप को घर में किस प्रकार की वायरिंग करने हैं.Concealed Conduit वायरिंग काफी महंगी वायरिंग होती है लेकिन यह कई सालों तक बिना किसी खराबी के चल सकती है. उसके बाद कैपिंग एंड कैसीग वायरिंग सबसे बढ़िया ...
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electrical besic knowledge

1 मेगा वाट में 14 किलो वाट होता है ... 1 किलो वाट 1000 वाट के बराबर होता है। 100 वाट का बल्ब 10 घन्टा  1 यूनिट के बराबर है।
मानव के शरीर पर विद्युत के झटके के प्रभाव, उसके शरीर से होकर गुजरने वाली धारा विद्युत के सम्पर्क में रहने का समय (time Of Contact) तथा विद्युत की प्रकृति (a.c./d.c.) पर निर्भर करता है। मानव शरीर के लिये दिष्ट धारा की अपेक्षा, प्रत्यावर्ती धारा अधिक खतरनाक (dangerous) होती है और वोल्टता की अपेक्षा धारा अधिक खतरनाक होती है। मानव के शरीर पर, वैद्युत धाराओं के प्रभाव सम्बन्धी तालिका वैधुत धारा का प्रभाव (effect Of Electric Current) 1. 1 से 8 MA तक – इसके झटके की अनुभूति होती है, परन्तु यह कष्टदायक नहीं होती। अर्थात् मानव इसे सहन कर सकता है। 2. 8 से 15 MA तक – इससे कष्टदायक झटका लगता है, परन्तु स्नायु सम्बन्धी नसों का नियंत्रण कायम रहता है, इसलिये इसका सहन करना मानव के व्यक्तित्व पर निर्भर करता है। 3. 15 से 20 MA तक – इससे कष्टदायक झटका लगता है। स्नायु सम्बन्धी नसों का नियंत्रण कायम नहीं रहता, इसलिये मानव इसे सहन नहीं कर सकता 4. 20 से 50 MA तक – इसमें स्नायु सम्बन्धी नसों के अत्यधिक संकुचन के कारण, साँस लेना कठिन हो जाता है। 5. 50 से 100 MA तक – इसमें श्वास रुकने के कारण दिल तक की धड...
बैटरी पर C10 और C20 क्या होता है बैटरी का इस्तेमाल बिजली जाने के बाद में आपके घर के उपकरणों को चलाने के लिए बैकअप के तौर पर इस्तेमाल की जाती है. इसीलिए बैटरी का सही चुनाव करना बहुत ही जरूरी होता है ताकि आपको एक सही बैटरी बैकअप मिल सके और आपके जो पैसे लगे हैं बैटरी खरीदने में वह व्यर्थ ना जाएं. बिना जानकारी के ऐसे ही बैटरी खरीद लेने से उसमें बहुत सारी दिक्कत आ सकती है क्योंकि बैटरी खरीदते समय आपको कई छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना काफी जरूरी होता है जिससे कि आप एक सही बैटरी खरीद पाए. वैसे तो बैटरी बैकअप बढ़ाने के लिए हम इससे ज्यादा बैटरियों का इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन अगर आपने गलत बैटरी खरीद ली तो आपकी दो बैटरी अभी उतना बैकअप नहीं दे पाएंगे. इसीलिए बैटरी खरीदने से पहले उसके ऊपर लिखी हर एक डिटेल को अच्छे से जाने और आपको कितना बैकअप चाहिए आपको कितना लोड चलाना है इतनी देर आपको लोड चलाना है यह सभी जानकारी आपको पहले पता होनी चाहिए तभी आप अपने लिए बैटरी खरीद सकते हैं. नीचे आपको बैटरी की रेटिंग होती है C10 और C20 यह क्या होती है और इनका क्या महत्व होता है इसके बारे में पूरी जानकारी दी गई ...
हैवेल्स सोलर इनवर्टर पैनल बैटरी की कीमत हैवेल्स कंपनी सोलर इनवर्टर जैसे प्रोडक्ट के साथ-साथ घरों में इस्तेमाल होने वाले और कई प्रोडक्ट भी बनाती है जैसे कि स्विच बोर्ड एमसीबी बॉक्स एमसीबी इत्यादि. लेकिन अब मार्केट में आपको हैवेल्स के सोलर पैनल सोलर बैटरी सोलर इनवर्टर भी देखने को मिलते हैं. वैसे तो दूसरी कई और भी  ब्रांड है जिसके सोलर प्रोडक्ट काफी पॉपुलर हैं जैसे कि लुमिनस माइक्रोटेक एक्साइड ओकाया इत्यादि. लेकिन अगर आपको हैवेल्स कंपनी पसंद है तो आप इस कंपनी के भी सोलर पैनल इनवर्टर बैटरी खरीद सकते हैं. किसी भी कंपनी के सोलर इनवर्टर पैनल बैटरी खरीदने से पहले आपको यह पता होना बहुत ही जरूरी है कि आपको कितने बड़े सिस्टम की आवश्यकता है. क्योंकि अगर आपने अपनी आवश्यकता से अधिक बड़ा सिस्टम लगा दिया तो आपका पैसा खराब जाएगा और अगर आपने आवश्यकता से छोटा सिस्टम लगवा दिया तो आपके वह इतना काम नहीं आएगा. तो सबसे पहले अपनी आवश्यकता को जाने उसके बाद में ही कोई भी वस्तु खरीदें. हैवेल्स सोलर इनवर्टर की कीमत हैवेल्स कंपनी में आपको 850va  से लेकर 50kw तक के सोलर इनवर्टर देखने को मिलते हैं. लेकि...
1 KW के सोलर सिस्टम के लिए Best इन्वर्टर दिन प्रतिदिन बिजली की खपत हर जगह बढ़ती ही जा रही है. अगर हम हमारे घरों की ही बात करें तो यहां पर भी हमारे घरों में पहले के मुकाबले ज्यादा पंखे और लाइट हो गई है. इसीलिए बिजली की खपत पहले के मुकाबले ज्यादा होने लगी है. तो बिजली की खपत बढ़ने के कारण बिजली के बिल भी बढ़ गए हैं. और बिजली के बढ़े हुए बिल को कम करने के लिए हम सोलर पैनल का इस्तेमाल करते हैं. सोलर पैनल का चुनाव करने से पहले आपको यह पता होना चाहिए कि आपको कितना लोड चलाना है. अगर आपको 800 Watt तक का लोड चलाना है तो आपको कम से कम 1 Kw का सोलर सिस्टम लगवाना चाहिए. ताकि आपका सारा लोड सोलर पैनल से चल सके.1 Kw का सोलर सिस्टम आज आम हो गया है. क्योंकि सामान्य घरों में इतना लोड चलता ही है. अगर आपके घर में 2-3 पंखे, कूलर और लाइटें है तो आपको 1 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगवाना चाहिए. अगर आप खुद से 1 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगाते हैं तो इसके लिए आपको एक सही इनवर्टर का चुनाव करना बहुत ही जरूरी है ताकि आप अपना Load उस इनवर्टर पर सही प्रकार से चला पाए. 1 KW के सोलर सिस्टम के लिए Best इन्वर्टर तो आज की ...
घर की वायरिंग या बिजली फिटिंग कैसे करे इससे पहले हमने बताया था कि घर में Inverter का Connection कैसे करे .जिससे आप अपने घर में इन्वर्टर की वायरिंग कर सकते हैं. आज हम आपको बताएंगे कि कैसे आप अपने घर के (घरेलू वायरिंग) सभी उपकरण को एक बोर्ड में कैसे जोड़ेंगे. और इसके लिए आपको कैसे वायरिंग करनी पड़ेगी. अगर आपको थोड़ी सी भी इलेक्ट्रिक तार की जानकारी है तो आप बड़ी ही आसानी से अपने घर में किसी भी उपकरण की वायरिंग कर सकते हैं. क्योंकि उपकरण में कम से कम 2 तार जुड़ते हैं और अगर हम उपकरण की अर्थिंग करते हैं तो उसमें तीन ताल जुड़ते हैं. और अगर आप अलग-अलग उपकरण पर इन्वर्टर का कनेक्शन भी देना चाहते हैं तो आपके घर में आपको चार तार लेकर चलने होंगे जिससे कि आप अलग-अलग उपकरण में सीधे इनवर्टर और अपने घर की मेन सप्लाई का कनेक्शन कर सकेंगे तो सबसे पहले आपको चारों तारों की जानकारी होनी चाहिए तो नहीं से आपको चारों चारों के बारे में बताया गया है. कौन से रंग का तार किस लिए होता है अगर आप किसी भी बिजली के उपकरण की वायरिंग करना चाहते हैं. तो आपको सभी प्रकार के तारों की जानकारी अच्छे से होनी चाहिए ताकि आप ...